केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक नई रिपोर्ट निराशाजनक हो सकती है। कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार इस बार वेतन में बढ़ोतरी पहले की अपेक्षा काफी कम हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक नया फिटमेंट फैक्टर 1.8 तय किया जा सकता है, जिससे केवल 13% तक की वृद्धि ही हो पाएगी।
7वें वेतन आयोग से भी कम हो सकती है बढ़ोतरी-:
गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे कर्मचारियों को लगभग 14.3% की बढ़ोतरी मिली थी। उस समय न्यूनतम मूल वेतन को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था। कोटक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 8वें वेतन आयोग में यह वृद्धि केवल 1.8 गुना हो सकती है, जिससे न्यूनतम वेतन करीब 30,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
90% ग्रेड C कर्मचारी होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित-:
यह खबर लगभग 33 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स के लिए झटका बनकर आई है। ग्रेड C के कर्मचारी कुल कार्यबल का 90% हिस्सा हैं। उन्हें अधिक लाभ की उम्मीद थी, लेकिन अब वे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
वेतन आयोग की प्रक्रिया में लग सकते हैं 2 साल-:
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि छठे और सातवें वेतन आयोग की प्रक्रिया में लगभग 18 महीने लगे थे। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलने में 3 से 9 महीने और लगे। ऐसे में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में भी इतना ही वक्त लग सकता है। कर्मचारियों को अभी लंबा समय इंतजार करना होगा।


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