प्रयागराज।
पीडी टंडन रोड स्थित बॉयज़ हाई स्कूल एंड कॉलेज के प्रिंसिपल डेविड ल्यूक और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ लगातार आर्थिक ग़बन और स्वयं की फ़र्ज़ी अंकतालिका के आधार पर नियुक्ति का आरोप लग रहा था जिसको लेकर पूर्व में भी मुक़दमा दर्ज किया गया पर जाँच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। मंगलवार को बिशप मॉरिस एडगर दान की तहरीर पर प्रिंसिपल डेविड ल्यूक और उसके बड़े बेटे समेत उनके सहयोगियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है की साल 2010 में डेविड ल्यूक ने तत्कालीन चयन समिति को अपनी बीएड की फ़र्ज़ी अंकतालिका दिखा कर कार्यवाहक प्रिंसिपल पद पर अपनी नियुक्ति करा लिया। जिसके बाद डेविड ल्यूक ने ख़ुद को स्थायी प्रिंसिपल घोषित कर लगभग अपने बेटों समेत लगभग 40 से अधिक नियुक्तियाँ कर दिया। और उनको मनमाने ढंग से लाखों का वेतन देने लगा यही नहीं प्रिंसिपल डेविड ल्यूक पर यह भी आरोप है कि उसने स्कूल के पैसों का ग़बन कर अपने सहयोगियों के ज़रिये प्रतापगढ़ में दो स्कूल और कई अन्य राज्यों व शहरों में करोड़ों अरबों की संपत्ति बनाया। साल 2014-2017 के बीच डेविड ल्यूक और उसके सहयोगी ने स्कूल में कंस्ट्रक्शन के नाम पर करोड़ों का वारान्यारा कर दिया। मामले को लेकर पूर्व में भी सहायक रजिस्ट्रार सोसाइटी एवं अल्प संख्यक आयोग ने जाँच भेजी जिसमें डेविड ल्यूक को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से राहत मिल गई । डेविड ल्यूक ने अपना पक्ष रखते हुए उच्च न्यायालय को बताया था कि उनके ऊपर लगाए गये आरोप निराधार हैं और साल 2015 जॉन अगस्टीन बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बॉयज़ हाई स्कूल को संचालित करने वाली द इलाहाबाद हाई स्कूल सोसाइटी के मामले में यथास्थिति का आदेश दिया था। इस आदेश के आधार पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रिंसिपल को राहत देते हुए सभी जाँचों पर रोक लगा दिया।
स्कूल में हो रहे आर्थिक ग़बन और अवैध नियुक्ति मामले में बिशप मोरिस दान ने डेविड ल्यूक के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करायी जिसपर जाँच की गई। बिशप मोरिस दान ने आरोप लगाया कि डेविड ल्यूक सभी जाँचों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश दिखा कर रुकवा दिया जबकि डेविड ल्यूक और उनका बेटा व अन्य सहयोगी व्यक्तिगत तौर पर अपराध कर रहे हैं यह किसी सोसाइटी या प्रबंधन का मामला नहीं है। जिसके आधार पर मंगलवार को थाना सिविल लाइन में प्रिंसिपल डेविड ल्यूक और उसके बड़े बेटे व उनके अन्य साथियों के ख़िलाफ़ गंभीर धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया। पुलिस अब मामले में डेविड ल्यूक, उसकी पत्नी एवं बेटो तथा सहयोगियों की निजी संपत्ति, शेल कम्पनीज़, और उसके सहयोगियों के स्कूलों की जाँच में जुट गई है।


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