नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि वो फिल्म निर्माता करण जौहर के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश देगा. जस्टिस मनमीत प्रीतम अरोड़ा की बेंच ने इस मामले पर फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि वो विस्तृत आदेश जारी करेंगे.आज सुनवाई के दौरान जस्टिस अरोड़ा ने करन जौहर की ओर से पेश वकील राजशेखर राव से कहा कि आपने इतने ज्यादा यूआरएल (वेबलिंक) दिए हैं कि वो परेशान हो गई हैं. तब राव ने कहा कि वे कोर्ट की मदद ही कर रहे हैं, सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश वकील वरुण पाठक ने कहा कि वे तकनीकी आपत्ति नहीं उठा रहे हैं बल्कि जितने वेबलिंक दिए गए हैं सभी करण जौहर से जुड़े हुए नहीं हैं.
तब राव ने कहा कि करण जौहर को सार्वजनिक रुप से परेशान किया जा रहा है. राव ने कुछ पोस्ट पर किए गए कमेंट को पढ़ते हुए कहा कि लोग करण जौहर की सेक्सुअलिटी के बारे में बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्या करण जौहर को ये अधिकार नहीं है कि वो इन कमेंट करने वालों से अपनी रक्षा कर सके.बता दें कि इसके पहले हाईकोर्ट अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय को उनके नाम, आवाज और तस्वीरों के साथ उनकी व्यक्तिगत चीजों के अनाधिकृत रुप से इस्तेमाल करने पर रोक लगा दिया था.
हाईकोर्ट ने अभिषेक बच्चन की याचिका पर सनवाई करते हुए कहा था कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व से संबंधित किसी भी प्रतीक का इस्तेमाल उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और इससे उसकी गरिमा के साथ जीने के अधिकार भी प्रभावित होते हैं. हाईकोर्ट ने संबंधित यूआरएल (वेबलिंक) को हटाने का निर्देश दिया था जो बिना अनुमति के अभिषेक बच्चन के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल कर रहे थे.
कोर्ट ने कहा था कि एआई और डीपफेक जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर उनके नाम और छवि का गलत उपयोग कर न केवल आर्थिक रुप से नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा और सद्भावना को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है.


+ There are no comments
Add yours