डीएम अंकुल लाठर के सख्त तेवर: कड़क्का बांध की जर्जर हालत पर तुरंत एक्शन, रामगंगा का जलस्तर बढ़ते ही युद्धस्तर पर शुरू हुई मरम्मत

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फर्रुखाबाद/ जनपद में लगातार बढ़ रहे रामगंगा नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुल लाठर के सख्त निर्देशों के बाद राजेपुर क्षेत्र स्थित कड़क्का (इमादपुर-मौलागंज) बांध की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्सों को मिट्टी डालकर मजबूत करने में जुट गई हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी डॉ. अंकुल लाठर ने स्वयं कड़क्का बांध का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्हें बांध के कई हिस्से और उस पर बनी सड़क क्षतिग्रस्त मिली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे और स्पष्ट कहा था कि बाढ़ से पहले सभी कमजोर स्थानों को दुरुस्त किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या नुकसान की नौबत न आए।

डीएम के निर्देशों का असर सोमवार को साफ दिखाई दिया। राजेपुर ब्लॉक के वीरपुर और मौलागंज के निकट कड़क्का इमादपुर-मौलागंज बांध पर जेसीबी मशीनों और श्रमिकों की मदद से मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया। बांध के कटाव वाले हिस्सों पर मिट्टी डालकर उन्हें मजबूत किया जा रहा है। साथ ही जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, वहां भी मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।

दरअसल, लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में मौलागंज, विचपुरिया, वीरपुर, हरिहरपुर सहित आसपास के करीब एक दर्जन गांव प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पहले से ही सभी जरूरी तैयारियां कराने में जुटा है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बांध के सभी संवेदनशील और कमजोर स्थानों की पहचान कर ली गई है। प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है, ताकि संभावित बाढ़ के दौरान बांध पूरी तरह सुरक्षित रहे और आसपास के गांवों में पानी घुसने की स्थिति उत्पन्न न हो। विभाग लगातार बांध की निगरानी भी कर रहा है और जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुल लाठर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें, जिससे किसी भी आपात स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन का उद्देश्य है कि मानसून के दौरान जनपद के किसी भी गांव को बाढ़ के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।

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