राजेपुर थाना क्षेत्र के चाचूपुर गांव में एक युवक का शव नाले में मिलने के बाद हुए बवाल और पुलिस पर पथराव की घटना के बाद, मंगलवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक के परिजनों से मिलने गांव के लिए निकला। हालांकि, आवास विकास स्थित पार्टी कार्यालय पर ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक लिया और पहले पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मिलने को कहा।
प्रतिनिधिमंडल में ये वरिष्ठ नेता थे शामिल:
सपा के प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर गठित इस प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी व प्रदेश सचिव डॉ. नवल किशोर शाक्य, प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, डॉ. जेपी सिंह वर्मा और अमृतपुर विधानसभा अध्यक्ष उदय प्रताप शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल को चाचूपुर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात करनी थी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को भेजनी थी।
पुलिस और सपा नेताओं के बीच चली लंबी बातचीत:
मंगलवार को जैसे ही प्रतिनिधिमंडल के सदस्य आवास विकास स्थित सपा कार्यालय पर एकत्र हुए, सीओ सिटी अभय वर्मा, सीओ अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय, कादरी गेट थाना पुलिस और अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। सपा नेता पहले सीधे चाचूपुर जाने की बात पर अड़े रहे, जबकि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पहले फतेहगढ़ स्थित एसपी कार्यालय चलकर बातचीत करने को कहा। इस दौरान कार्यालय में काफी देर तक पुलिस और सपा नेताओं के बीच गतिरोध बना रहा।
नेताओं की प्रतिक्रिया और आगे का घटनाक्रम:
इस मामले पर पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर शाक्य और प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर गांव जा रहे प्रतिनिधिमंडल को पुलिस प्रशासन द्वारा बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।
काफी जद्दोजहद के बाद, प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य फतेहगढ़ स्थित एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां पुलिस अधीक्षक से वार्ता संपन्न होने के बाद, अंततः समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चाचूपुर गांव के लिए रवाना हो गया।


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