“हमें जनता ने चुना है” कहने वालों के लिए जनता का सवाल—तो जनता की आवाज क्यों नहीं?
मुकेरिया में स्वास्थ्य, स्वच्छता, नशामुक्ति और जनसमस्याओं को लेकर जन-दस्तखत व जनसंपर्क अभियान तेज
मुकेरिया। “हमें जनता ने चुना है”—यह बात जनप्रतिनिधियों की ओर से अक्सर सुनने को मिलती है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्याओं को लेकर जन-दस्तखत अभियान के माध्यम से आवाज उठाती है, तो सवाल उठता है—क्या जनता की इस आवाज को भी गंभीरता से सुना जाएगा?
मुकेरिया शहर में भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, नशामुक्ति और अन्य जनसमस्याओं को लेकर जन-दस्तखत अभियान एवं जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।
अभियान के दौरान शहरवासियों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को दर्ज किया जा रहा है। स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ कूड़ा-कचरा, गंदगी, नालियों, जलभराव, खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा, नशे और अपराध से जुड़े मुद्दों को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जनता के दस्तखत बनेंगे जनता की आवाज
महासंघ का कहना है कि यह अभियान किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रयास है।
शहरवासियों से अपील की गई है कि अपने क्षेत्र की समस्याओं की फोटो और वीडियो बनाकर महासंघ के पदाधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समस्याओं का वास्तविक रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
महासंघ ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित वातावरण को ध्यान में रखते हुए जन-दस्तखत और जनसंपर्क अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें।
अभियान से प्राप्त जन-दस्तखत, शिकायतों, फोटो-वीडियो और समस्याओं के विवरण को संबंधित अधिकार


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