फर्रुखाबाद में सड़क हादसों पर मंथन, दोपहिया वाहन बने सबसे बड़ी चिंता; ट्रामा सेंटर पूरी तरह क्रियाशील न होने पर सीएमओ से मांगा स्पष्टीकरण
फर्रुखाबाद। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारण, ओवरस्पीडिंग, ब्लैक स्पॉट, सड़कों की स्थिति, ट्रैफिक नियमों के पालन और दुर्घटना के बाद चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही न बरतने और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि अगस्त 2026 में जिले में 36 सड़क दुर्घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई। वहीं अगस्त 2025 में 43 दुर्घटनाओं में 23 लोगों की जान गई थी। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में अगस्त माह में सड़क दुर्घटनाओं में 16.27 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 8.69 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
दोपहिया वाहन सबसे बड़ी चिंता
वर्ष 2026 में अगस्त तक जिले में कुल 323 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 211 दुर्घटनाओं में कम से कम एक दोपहिया वाहन शामिल रहा। इन हादसों में दोपहिया वाहन सवार 134 लोगों की मौत और 158 लोग घायल हुए। कुल सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 65.51 प्रतिशत और मृतकों में दोपहिया सवारों की हिस्सेदारी 65.33 प्रतिशत रही। अधिकारियों ने इसे गंभीर चिंता का विषय माना।
इसी अवधि में 38 ऐसी दुर्घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें दोनों वाहन दोपहिया थे। इन हादसों में 35 लोगों की मौत और 36 लोग घायल हुए।
ब्लैक स्पॉट के साथ अन्य खतरनाक स्थान भी होंगे चिन्हित
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट के अलावा ऐसे अन्य स्थानों की भी पहचान की जाए, जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं। इन स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय तत्काल कराए जाएं। उन्होंने ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करने के साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहे। विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जाए।
रामगंगा पुल की मरम्मत में तेजी के निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों को टोल प्लाजा और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। रामगंगा पुल की मरम्मत में हो रही देरी पर डीएम ने कड़े निर्देश देते हुए तीन दिन के भीतर मरम्मत की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
मोहम्मदाबाद से काली नदी पुल तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढामुक्ति का काम संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पूरे मार्ग पर कोटिंग कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को परेशानी और दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़े।
ट्रामा सेंटर पूरी तरह चालू न होने पर डीएम नाराज
जिले के एकमात्र ट्रामा सेंटर के पूर्ण रूप से क्रियाशील न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सड़क हादसों में गंभीर घायलों को समय से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए ट्रामा सेंटर का प्रभावी संचालन महत्वपूर्ण बताया गया।
सड़क किनारे झाड़ियां हटाने के निर्देश
पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय एवं निर्माण खंड के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई कराई जाए। इससे वाहन चालकों को सड़क के किनारे की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे सकेगी और दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सकेगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश सिंह, सीओ सिटी अभय वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया, बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मुरलीधर एवं अशोक कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत, एआरएम राजेश कुमार समेत जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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