कानपुर : यूपी को एक और बड़े क्रिकेट स्टेडियम का सौगात मिला है. छत्रपति शाहू जी महाराज विवि के 40वें दीक्षांत पर सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने BCCI के मानकों वाले इस स्टेडियम का शुभारंभ किया. सूबे के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में सीएसजेएमयू पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां इस तरह का स्टेडियम है. यहां अंतरराष्ट्रीय और रणजी स्तर के मुकाबले खेले जा सकते हैं.
विवि के क्रीड़ा प्रभारी श्रवण यादव ने बताया कि स्टेडियम के साथ ही विवि में पहली बार बनकर तैयार बॉस्केटबाल, वॉलीबॉल, फुटबाल ग्राउंड, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का भी उद्घाटन किया गया. जल्द ही यहां पर राज्य स्तरीय आयोजन होंगे. उन्होंने बताया कि क्रिकेट स्टेडियम समेत अन्य ग्राउंड तैयार करने में कुल 34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. यह स्टेडियम कानपुर में ग्रीनपार्क के बाद दूसरा स्टेडियम होगा, जहां कई तरह की सुविधाएं होंगी.
सीएसजेएमयू में 7 पिचों वाला स्टेडियम तैयार : शहर में सिविल लाइंस स्थित गंगा किनारे बसे ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम के बाद अब कल्याणपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में बना क्रिकेट स्टेडियम देश का दूसरा सबसे ज्यादा क्रिकेट स्टेडियम माना जा रहा है. यहां सात क्रिकेट पिच बनाई गईं हैं. अहमदाबाद में बने नरेंद्र भाई मोदी स्टेडियम में 9 पिचें हैं.
अलग-अलग पिचें होने से खिलाड़ियों को होंगे कई फायदें : सीएसजेएमयू के क्रीड़ा प्रभारी श्रवण यादव ने बताया कि अब सीएसजेएमूय में सात पिचों के होने से यूपी के क्रिकेटर्स को कई फायदे होंगे. जब क्रिकेटर्स रणजी ट्रॉफी जैसे अन्य टूर्नामेंट खेलने जाते हैं तो किसी राज्य में उन्हें लाल मिट्टी की पिच मिलती है तो किसी में काली मिट्टी वाली. इस स्टेडियम में सभी तरह की मिट्टी वाली पिचें हैं. जब क्रिकेटर्स यहां अभ्यास कर लेंगे तो दूसरे राज्यों में पिच को समझते हुए वह बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे. अब जो कानपुर में अंतरराष्ट्रीय मैच होंगे उनमें टीम इंडिया व विपक्षी टीम के खिलाड़ी सीएसजेएमूय के इस स्टेडियम में नेट प्रैक्टिस कर सकेंगे.
इंग्लैंड के लार्ड्स जैसी दिखेगी घास : विवि के आला प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि सीएसजेएमयू में बनने वाले स्टेडियम में जहां पर्थ स्टेडियम जैसा ड्रेनेज सिस्टम होगा. वहीं, इंग्लैंड के लार्ड्स स्टेडियम की तर्ज पर बरमूडा घास लगाई गई है. बेहतर ड्रेनेज सिस्टम से मैदान महज आधे घंटे में सूख जाएगा. वहीं, बेहतर गुणवत्ता वाली घास से आउटफील्ड बेहतर होगी.
यह है स्टेडियम की खासियत : स्टेडियम में केंद्रीय विकेट महाराष्ट्र की लाल मिट्टी से बना है. इसके अलावा ओडिशा के कालाहांडी की काली कपास मिट्टी व उन्नाव की काली मिट्टी से भी स्टेडियम बना है.


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