एक महीने से बंद अंडरपास, रेलवे पटरी पर दौड़ रही मजबूरी!

1 min read

नवाबगंज-मोहम्मदाबाद मार्ग पर सिस्टम की सुस्ती बनी जानलेवा मुसीबत, रक्षाबंधन पर भी लोगों ने जोखिम में डाला सफर

फर्रुखाबाद/नवाबगंज-मोहम्मदाबाद मार्ग पर सिरौली और रोहिला के बीच बना अंडरपास पिछले करीब एक महीने से बंद पड़ा है। मरम्मत के नाम पर बंद किए गए इस रास्ते ने अब राहगीरों के सामने ऐसी मुश्किल खड़ी कर दी है कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी को ही रास्ता बनाने पर मजबूर नजर आ रहे हैं। बाइक सवारों के रेलवे ट्रैक पार करने की तस्वीरें किसी बड़े हादसे को न्योता देती दिखाई दे रही हैं।

बताया जा रहा है कि बरसात के दिनों में अंडरपास में होने वाले जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा है। लेकिन करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी अंडरपास राहगीरों के लिए नहीं खोला जा सका है। इसके चलते आसपास के गांवों के लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। रक्षाबंधन पर बहनों की बढ़ी परेशानी

रक्षाबंधन के त्योहार पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग अपने भाई-बहनों से मिलने के लिए निकले। इसी दौरान अंडरपास बंद होने की वजह से कई राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मैनपुरी से नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव में भाई को राखी बांधने जा रही महिला जब सिरौली-रोहिला के पास पहुंची तो उसे अंडरपास बंद मिला। दूसरे रास्ते से जाने पर करीब 2 से 3 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा था। ऐसे में महिला अपने पति के साथ बाइक पर रेलवे पटरी पार करने को मजबूर हो गई।

वहीं, पूजा देवी समेत अन्य राहगीरों ने भी अंडरपास बंद होने के कारण त्योहार के दिन हुई परेशानी को लेकर नाराजगी जताई।

पटरी पर सफर… कहीं अगली खबर हादसे की न हो!

सबसे गंभीर सवाल रेलवे पटरी से वाहनों के गुजरने को लेकर खड़ा हो गया है। अंडरपास बंद होने के कारण यदि लोग इसी तरह ट्रैक का इस्तेमाल करते रहे तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ट्रेन के अचानक आ जाने की स्थिति में बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिलेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास बंद करना मजबूरी हो सकता है, लेकिन सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करना जिम्मेदार विभागों की जिम्मेदारी है। लोगों का आरोप है कि काम में देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन एवं रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि अंडरपास का मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

जब तक अंडरपास चालू नहीं होता, तब तक लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए। रेलवे पटरी से बाइक और अन्य वाहनों का आवागमन रोकने के लिए भी प्रभावी इंतजाम किए जाएं।

क्योंकि सवाल सिर्फ रास्ते का नहीं, लोगों की जिंदगी का है।
एक महीने से बंद अंडरपास कब खुलेगा, यह तो जिम्मेदार विभाग ही बताएंगे, लेकिन उससे पहले यह जरूर तय करना होगा कि किसी बड़े हादसे के बाद जागने की नौबत न आए।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours