ससुराल या साजिश? 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, मायके वालों ने लगाया जहर देकर हत्या का आरोप

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शमशाबाद/फर्रुखाबाद

शमशाबाद थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 28 वर्षीय विवाहिता ने दम तोड़ दिया। सोमवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, मायके पक्ष के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने ससुराल वालों पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले, जबकि फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम लुखड़पुरा निवासी प्रांशु की पत्नी सीता की इलाज के दौरान मौत हो गई। सीता का विवाह 13 फरवरी 2024 को प्रांशु के साथ हुआ था। प्रांशु मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है।

ग्रामीणों के मुताबिक पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से घरेलू विवाद चल रहा था। इसी दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने उसे पहले फर्रुखाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही मृतका के मायके वाले गांव पहुंच गए। बेटी का शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतका की मां चंद्रावती, भाई उपदेश और पिता वासुदेव ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोपों के चलते गांव में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

घटना की सूचना मिलते ही शमशाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय फतेहगढ़ भेज दिया।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मायके पक्ष की तहरीर, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।

अब पूरे मामले पर सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं। यदि मायके पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला हत्या में तब्दील हो सकता है, वहीं यदि जांच में कुछ और तथ्य सामने आते हैं तो उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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